Tuesday, September 8, 2015

वो एक नाम

वो एक नाम
जिस नाम के बिना
मेरा हर दिन अधूरा
मेरी हर शाम रंगहीन थी

वो एक नाम
जिस के साथ
जुड़ा था मेरा नाम
जैसे मेरी पहचान ही नहीं थी

वो एक नाम
जो खुशियों से भरा था
उम्मीद का दूसरा नाम था
उदासी ज़रा भी नहीं थी

वो एक नाम
जो एक नयी सुबह का वादा करता था
जीने की राह दिखाता था
उसमें बेबसी कहीं भी नहीं थी

आज वो नाम
कहीं नहीं है
आज वो उम्मीद
कहीं नहीं है

आज है, तो बस आँसू

और हार...