Monday, November 22, 2010

Usne kaha tha..

कल उसने कहा था

यूँ उदास ना हुआ करो
यूँ मायूस सी क्यूँ रहती हो?
यह ज़िंदगी कट ही जाएगी लेकिन
यूँ निराश सी क्यूँ रहती हो?

कल उसने कहा था

मैं सदा से तुम्हारा रहा हूँ
मैं सदा तुम्हें प्यारा रहा हूँ
आज जो मैं तुम्हारे पास नहीं
यूँ बेजान सी क्यूँ रहती हो?

कल उसने कहा था

तुम्हारी एक वो तस्वीर
मुझे बहुत पसंद है
उसमें अपनी आँखों को 
वीरान बना क्यूँ बैठी हो?

कल उसने कहा था

तुम याद नहीं करना मुझे
तुम याद नहीं आती मुझे
तुम्हें कैसे अपना लूँ?
मुझे अपना क्यूँ मान बैठी हो?


कल उसने कहा था



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